1. आयोडीन युक्त नमक क्या है।
आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल आयोडीन की कमी को रोकने के लिए किया जाता है । यह सामान्य नमक ही होता है जिसमें बहुत थोडी सी आयोडीन मिला दी जाती है।
2. आयोडीन क्या है।
आयोडीन एक प्राकृतिक तत्व है जो हमारे जीवन के लिए जरूरी है । हमारे शरीर की कुछ महत्वपूर्ण क्रियाएं आयोडीन पर निर्भर है।
3. आयोडीन जरूरी क्यों है।
आयोडीन शरीर व मस्तिष्क दोनो की सही वृद्वि, विकास व संचालन के लिए आवश्यक है। आयोडीन की कमी से घेघां हो सकता है। घेघां होने पर शरीर में चुस्ती स्फूर्ति नहीं रहती। सुस्ती व थकावट महसूस होती है।
और तो और, आयोडीन की कमी से नवजात शिशु से शरीर व दिमाग की बढोतरी व विकास में हमेशा के लिए रूकावट आ सकती है। छोटे बच्चो, नौजवानो व गर्भवती महिलाओ के लिए आयोडीन बहुत जरूरी है। गर्भवती मां में आयोडीन की कमी हो तो उसका बच्चा असामान्य हो सकता है । अगर तुरन्त बच्चे का ईलाज नहीं कराया गया तो उम्र बढने के साथ उसकी मानसिक व शारीरिक हालत और भी खराब होती जाएगी।
4. आमतौर पर व्यक्ति को कितनी आयोडीन चाहिए।
हर रोज औसतन 150 माइक्रोग्राम यानि कि सुई की नोक के बराबर। इसका मतलब यह हुआ कि आपको जीवन भर के लिए एक छोटे से चम्मच से भी कम आयोडीन चाहिए। शरीर को हर रोज नियमित रूप से आयोडीन मिलनी जरूरी है । इसलिए यह जरूरी है कि हर व्यक्ति के लिए आयोडीन नमक रोज की खुराक का हिस्सा हो।
5. हमें आयोडीन कहां से मिलती है।
आयोडीन मूलरूप से मिटटी और पानी में होती है । इसलिए हमारी यह जरूरत आयोडीन युक्त जमीन पर उगे अनाज से पूरी होती है। जिस जमीन में आयोडीन नहीं होती वहां उगे अनाज में भी इस जरूरी तत्व का अभाव होगा। अत: जो लोग आयोडीन रहित जमीन वाले इलाके में रहते है और वहां उपजा अनाज व साग सब्जियां खाते है, उनमें आयोडीन की कमी हो जाती है।
6. पर्याप्त मात्रा में आयोडीन न मिलने पर क्या होता है।
आयोडीन की कमी से सिर्फ घेंघा ही नहीं होता, बल्कि शरीर व दिमाग में और भी कई खराबियां पैदा हो सकती है जिनमें से कुछ मामूली होती है, तो कुछ खतरानाक। आयोडीन की कमी का सबसे जाना-माना लक्षण है घेंघा। इसमें गलग्रन्थि (थायरॉयड ग्लैण्ड) बढ जाती है 1 इसमें मामूली सी सूजन से लेकर बडी गिल्टी तक बन जाती है।
7. आयोडीन की कमी के कारण कौन-कौन सी शिकायतें हो सकती है।
आयोडीन की कमी के कारण कई शिकायतें हो सकती है: घेंघा मानसिक विकृति, बहरा- गूगांपन, भेंगापन, ठीक से खडे होने या चलने में कठिनाई और शारीरिक विकास में रूकावट। गर्भवती स्त्री के शरीर में आयोडीन की कमी होने पर गर्भपात का खतरा रहता है, बच्चा मरा हुआ पैदा हो सकता है या फिर वह शारीरिक व मानसिक रूप से विकृत या बौना हो सकता है । आयोडीन की मामूली सी कमी से सब संभव है। घेंघा इसमे सबसे कम खतरनाक है।
8. बच्चा `क्रेटिन` क्यों हो जाता है।
बच्चे को मां के पेट में मानसिक व शारीरिक वृद्वि व विकास के लिए आयोडीन चाहिए। और यह सिर्फ उसे मां से मिल सकती है । अगर मां में इसकी कमी होगी तो बच्चे को वह तत्व नहीं मिल पाएगा। मां के शरीर में आयोडीन की बहुत अधिक कमी होने पर बच्चे का शारीरिक व मानसिक विकास हमेशा के लिए रूक जाता है । वह `क्रेटिन` हो जाता है। उसे ठीक तरह से चलने-फिरने, बोलने या सोचने में भी कठिनाई होती है।
9. क्या हर रोज आयोडीन युक्त नमक खाने से घेंघा, क्रेटिनिज्म और आयोडीन की कमी से जुडी अन्य शिकायतें दूर हो सकती है।
क्रेटिनिज्म का कोई इलाज नहीं है। आयोडीन की वजह से होने वाली अन्य शिकायतों की तरह (कुछ तरह के गॉयटर को छोडकर) इसका भी इलाज संभव नहीं हालांकि इसे आसानी से रोका जरूर जा सकता है। हर रोज आयोडीन युक्त नमक के इस्तेमाल से वर्तमान और आगे की पीढियों को इस कमी के दुरूपरिणामों से बचाया जा सकता है।
10. आयोडीन नमक में क्यों मिलाया जाता है। क्या उसे दवाई की तरह अलग से नहीं खाया जा सकता ।
आयोडीन के बारे में एक महत्वपूर्ण बात है कि हालाकिं यह बहुत कम मात्रा में जरूरी है, इसे हर रोज लेना आवश्यक है । दवाई या विटामिन की गोली की तरह यह हर रोज ली जा सकती है, पर फिर एक गोली जिन्दगी भर लेनी होगी1 नमक एक ऐसी चीज है जो हर कोई हर रोज खाता है। हम सब तकरीबन 10-15 ग्राम नमक प्रतिदिन खाते है। अगर इसमें आयोडीन मिला दी जाती है तो सही मात्रा में आयोडीन हमारे शरीर में पहुंच जाती है।
11. अगर हम आयोडीन की कमी वाले क्षेत्र में नहीं रहते है, तो क्या नमक में अतिरिक्त आयोडीन खाना नुकसान देह नहीं होगा।
नही, यह नुक्सानदेह नहीं होगा। हमारे शरीर को आयोडीन की एक निश्चित मात्रा की जरूरत होती है । अगर उतनी आयोडीन हमें मिल रही है तो शरीर अतिरिक्त मात्रा को ग्रहण नहीं करेगा। और वह पेशाब के साथ बाहर निकल जाएगी। दूसरी और अगर आप में आयोडीन की कमी है तो आप की गलग्रन्थि जरूरत के मुताबिक आयोडीन को इ्रस्तेमाल कर शेष को अस्वीकार कर देगी। इसलिए आयोडीन नमक किसी के लिए भी नुकसान देह नहीं। याद रखिए, आयोडीन एक आवश्यक पोषक तत्व है कोई दवा नहीं ।
12. क्या गर्भवती स्त्रियां छोटे बच्चे या बीमार आयोडीन मिला नमक खा सकते है। क्या यह सामान्य नमक जैसा ही होता है।
हॉं, आयोडीन हर इन्सान को हर रोज चाहिए, चाहे वह छोटा हो, बड़ा हो, बीमार हो या भला-चंगा हो। गर्भवती औरतो और छोटे बच्चो को तो इसकी और भी अधिक जरूरत है इसलिए हर रोज आयोडीन युक्त नमक खाना सिर्फ ठीक ही नहीं बल्कि जरूरी भी है।
13. क्या आयोडीन युक्त नमक को सामान्य नमक की तरह स्टोर किया जा सकता है।
आयोडीन युक्त नमक को स्टोर करने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी होगी। अगर आप आयोडीन युक्त नमक को काफी देर तक धूप या सीलन में पडा रहने देते है तो इसमें मिली आयोडीन खत्म हो सकती है। इसलिए आप इस प्लास्टिक, लकडी, मिटटी या शीशे के ढक्कनदार बर्तन में ठीक से बन्द करके रखें। ध्यान रहे, उतना ही नमक खरीदें जितना आप जल्द से जल्द खा सकते है। अधिक समय के लिए उसे स्टोर न करें।
14. हमें आयोडीन युक्त नमक कब तक खाते रहना होगा ।
पर्यावरण के प्रदूषण से स्थिति दिन पर दिन बिगडती जा रही है । बडे पैमाने पर जंगल काट देने से उपरी मिटटी पानी से बहती जा रही है । जिसमें कारण आयोडीन का अभाव बढता जा रहा है।
आयोडीन पानी में घुलनशील तत्व है और वह मिटटी की उपरी सतह पर ही पाया जाता है । पर्यावरण के विभिन्न प्रभावो के कारण भूमि में आयोडीन की कमी हो जाती है। जिसके फलस्वरूप वहां उगने वाले सभी पौधों, कृषि और वनस्पति में आयोडीन का अभाव हो रहा है। उन पदार्थो का प्रयोग में लाने वाले सभी व्यक्ति आयोडीन की कमी से होने वाले अन्य प्रकार के दुष्प्रभावों से प्रभावित हो सकते है इन परिस्थितियों को सामने रखते हुए यह स्पष्ट हो जाता है कि इनकी रोकथाम के लिए (सबसे सस्ता व आसान तरीका) आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करना आवश्यक ही नहीं अनिवार्य हो जाता है। हर रोज आयोडीन युक्त नमक खाकर आप अपने व अपने बच्चो के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते है और आयोडीन की कमी के दुष्प्रभावों से बच सकते है । इससे आपके बच्चो और बच्चो के बच्चो को स्वरूथ् शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क के साथ बढ सकने का सर्वोतम अवसर मिलता है और यह इसके लिए एक बहुत छोटी लागत है।